गाय हमारी माता है

    गणित के अध्यापक दलबीर बच्चों के साथ देहरादून से नाहन की ओर आ रहे थे | रास्ते में ट्रेफिक जाम में उनकी गाड़ी फंस गई | बच्चों ने शीशे उतार गाड़ी से बाहर झाँका ! सड़क किनारे एक गाय घायल अवस्था में पड़ी थी | उसकी टांग जख्मी थी शायद किसी गाड़ी ने टक्कर मार दी थी | बच्चों ने पूछा “पापा अब ये गाय चलेगी कैसे ?” दलबीर ने गाय के थनों की ओर देखा और हिसाब लगा तुरंत बोले “बेटा गाय टांग से नहीं थनों से चलती है ! जब तक इसके थनों में दूध है ये चलेगी | तुम लोगों ने सुनी तो है कविता की ये लाइन्स ‘गाय हमारी माता है , जब तक दूध आता है |’ थोड़ी ही देर बाद गाय का मालिक उसको बड़े प्यार से एक गाड़ी में चढ़वा रहा था

अनंत आलोक
साहित्यालोक , बायरी ददाहू जिला सिरमौर
हिमाचल प्रदेश 173022 Mob ; 9418740772
ईमेल : anantalok1@gmail.com

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