जनता के हित में

      इस पाठशाला में आये अध्यापक सही राम को अभी दो वर्ष भी नहीं हुए थे कि उसका स्थानान्तरण यहाँ से तीन सौ किलोमीटर दूर किन्नौर के एक छोटे से गाँव की पाठशाला में हो गया | सही राम ने अपना सामन बाँधा और जाकर ज्वाइन कर लिया | यह कार्य इतनी शीघ्रता में हुआ कि किसी को कानों कान खबर न हुई | कुछ दिनों बाद जब गाँव वालों को पता चला तो उन्हें बड़ा दुःख हुआ | गाँव वालों ने एक अच्छा अध्यापक खोया था सो उन्होंने सूचना के अधिकार के तहत निदेशालय से सूचना ली कि अध्यापक सही राम का स्थानान्तरण क्यों और किस आधार पर किया गया | सूचना मिली कि स्थानीय विधायक के डी ओ पर जनता के हित में स्थानान्तरण किया गया | ग्रामवासी मिलकर विधायक के पास गए और प्रश्नों की बौछार कर दी “विधायक जी ! हम जानना चाहते हैं कि आपने किस के हित में हमारे अध्यापक का स्थानान्तरण किया ? क्या आपके पास कोई लिखित आवेदन आया है यदि हाँ तो किस ने दिया हमें दिखाएँ कृपया | “विधायक महोदय बगलें झाँकने लगे, लेकिन ग्रामवासी कहाँ मानने वाले थे | अंत में विधायक को कहना ही पड़ा “कुछ लोग आये थे जिन्होंने से शिकायत की थी कि वह अध्यापक अपोजिशन से है |” कुछ लोग ? कौन थे वे लोग ! और थे भी तो आपके चमचे न ! और हाँ आये भी थे तो आप ये बताइए उन में से कितनों के बच्चे हमारी सरकारी पाठशाला में पढ़ते हैं ? उन सभी चमचों के बच्चे तो निजी बिद्यालयों में पढ़ रहे हैं | उनका कौन सा हित हुआ इससे !” ग्रामवासियों ने सामूहिक स्वर में कहा तो विद्यायक को तो मानो सांप सूंघ गया | विधायक ने इससे पहले कभी जनता का ये रूप नहीं देखा था अतः विधायक को मजबूर हो कर दूसरे ही दिन अध्यापक सही राम के आदेश वापस उसी विद्यालय में विथ टीये डीए करवाने पड़े|

अनंत आलोक
साहित्यालोक , बायरी ददाहू जिला सिरमौर
हिमाचल प्रदेश 173022 Mob ; 9418740772
ईमेल : anantalok1@gmail.com

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