चाँद बड़ा तो है

चाँद बड़ा तो है,
चाँद से बड़ा मेरा दिल,
जो तुमको अपने अंदर समाँये
हुए हैं........................

क्योंकि चाँद चाँदनी को,
अपने अंदर समाता नहीं है, 
उसकी रौशनी को बाहर,
बिखेर देता है ..................

इसलिए चाँद बड़ा तो
पर मुझसे छोटा है।

कुमारी अर्चना
शोधार्थी, राजनीतिशास्त्र विभाग
भागलपुर विश्वविद्यालय, बिहार

0 comments:

Post a Comment