शपथ पत्र

जाने कितने पत्र लिखे,
इस जिन्दगी में मैंने,

कुछ अनुरोध पत्र,
कुछ आदेश पत्र,
कुछ संदेश पत्र,
कुछ अधूरे पत्र,

अन्तिम तुम्हारे नाम,
मैं ‘कुमारी अर्चना’
शपथ पत्र लिख रही हूँ,
मेरे दिल पर और
मरने के बाद मेरी रूहे,
पर तुम्हारा नाम होगा।

कुमारी अर्चना
शोधार्थी, राजनीतिशास्त्र विभाग
भागलपुर विश्वविद्यालय, बिहार

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