राजस्थान की हालत

राजस्थान की हालत

सूखे पौधे सूखी टहनियाँ
सूखी धरती सारी
पानी की इक बून्द को तरसे
खाली गागर सारी

दूरदूर तक सूखा समुन्दर
नजर न आवे पानी
खाली गागर ले कर भटके 
देखो घर को रानी

खाली गागर लेकर जब 
घर पर वापस आती
बूढ़ी सास की आँखें कहती
हूँ मै कई दिनों की प्यासी

खटिया ऊपर बैठा ससुर
झुर्रियों बीच निहारे
एक बूँद पानी की दे दे
बेटी जोड़ू हाथ तुम्हारे

सूखे-सूखे होठो से बच्चे
देख रहे है मेरे
बिन पानी के मर जाएँगे 
माई लाल ये तेरे

गाएँ तड़फ तड़फ कर मरती
मरते पक्क्षी सारे
पत्तो की सरसराहट कहती 
पपीहे तू ही कुछ गारे

कभी मै देखूँ परिजन अपने
कभी मै देखूँ खुदको
जाने कब बरसेंगे बादल
मिलेगी राहत सबको

अय मेरे मालिक ईतनी 
ईल्तजा है तुझसे
प्यास बुझा दूँ मै अपनो की
आँखों मे इतने आँसू भरदे
                
इन्दु शर्मा

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